
सीधी।। अब इसे दबंगई, सरहंगाई या फिर हठ धार्मिता क्या कहेंगे यह खुद ही निर्णय लेना पड़ेगा बहर हाल यह बोल है ग्राम पंचायत करैल के चर्चित रोजगार सहायक व प्रभारी सचिव तथा बेताज सीईओ शिवप्रसाद यादव के उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत करैल के ग्राम धुरिया में पांच जयवीर सिंह के हवाले से हमने हाल ही में एक खबर प्रकाशित की थी जिसमें 40 मजदूरों को लगभग 37000 मजदूरी का भुगतान विगत जनवरी माह से प्रभारी सचिव शिव प्रसाद यादव द्वारा नहीं किए जाने का उल्लेख किया गया था। जयवीर सिंह की माने तो खबर प्रकाशित होने के बाद शिव प्रसाद ने उनसे संपर्क किया और मजदूरों को मजदूरी भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया लेकिन इसके बावजूद भी हठधर्मी प्रभारी सचिव ने आज मजदूरी भुगतान करने से इनकार करते हुए कहा कि जो करना है करते रहो मजदूरी का भुगतान नहीं करूंगा।
भ्रष्टाचार में गले तक डूबा प्रभारी सचिव सह रोजगार सहायक शिव प्रसाद यादव दौलत के नशे में उन्मादी हाथी की तरह हो चुका है जो यह समझता है कि प्रशासन उसके हाथ की कठपुतली है वह जैसा चाहेगा वैसा करेगा कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता इसलिए वह मजदूरों की मजदूरी का भुगतान करने से भी इंकार कर रहा है वहीं दूसरी तरफ भ्रष्ट्र प्रशासन मजदूरों को मजदूरी दिल पानी में असमर्थ है इसीलिए तो कहा जाता है कि जनपद क्षेत्र कुसमी में शिव प्रसाद की भूमिका मुख्य कार्यपालन अधिकारी से काम नहीं है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन 40 गरीब मजदूरों को उनकी मजदूरी दिल पाता है ?






